कीसने कह दिया की राजपुत एक हो नही सकते ।
हाँ ये सही है की बँजङ खेत के अन्दर बीज बो नही सकते।
झाङीयो को काट के खेत को सुधारा जाता है।
कोई भी हो सँकट मे तो क्षत्रीयो को पुकारा जाता है।
हो सकता है शेर गहरी नीँद मे सो गया है।
थोङे समय के लिये क्षत्रीय भी कहीँ खौ गया है।
अब हमे वो हूँकार भरनी है जो महाराणा ने भरी थी।
एक बार वो तलवार उठानी है जिससे हल्दीघाटी मे लाखो लाशे गिरी थी।
जीनके दिल कमजोर है वो हमसे परे जाओ।
बचे हुए सब क्षत्रीय धर्म मे खरे हो जाओ।
हमे तो बस क्षत्रिय धर्म और सँस्कार को अपनाना है।
ओर अपने राम राज्य को वापस लाना है।
जय क्षात्र धर्म॥
जय क्षत्रीय॥
हरीनारायण सिँह राठौङ
हाँ ये सही है की बँजङ खेत के अन्दर बीज बो नही सकते।
झाङीयो को काट के खेत को सुधारा जाता है।
कोई भी हो सँकट मे तो क्षत्रीयो को पुकारा जाता है।
हो सकता है शेर गहरी नीँद मे सो गया है।
थोङे समय के लिये क्षत्रीय भी कहीँ खौ गया है।
अब हमे वो हूँकार भरनी है जो महाराणा ने भरी थी।
एक बार वो तलवार उठानी है जिससे हल्दीघाटी मे लाखो लाशे गिरी थी।
जीनके दिल कमजोर है वो हमसे परे जाओ।
बचे हुए सब क्षत्रीय धर्म मे खरे हो जाओ।
हमे तो बस क्षत्रिय धर्म और सँस्कार को अपनाना है।
ओर अपने राम राज्य को वापस लाना है।
जय क्षात्र धर्म॥
जय क्षत्रीय॥
हरीनारायण सिँह राठौङ
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