गुरुवार, 1 अगस्त 2013

क्षत्रीयोँ के लिये:-
क्षत्रीयोँ को डुबोने वाली तीन:-
दारु ,दोगङ ,दगा॥

क्षत्रीयोँ के लिये जरुरी तीन:-
सँस्कार ,शौर्य ,क्षात्र धर्म॥

क्षत्रीयोँ को प्रिय तीन:-
न्याय ,नमन , आदर ॥

क्षत्रीयो को अप्रिय तीन:-
अपमान,विश्वाशघात,अनादर॥

क्षत्रीयोँ को महान बनाने वाले तीन:-
शरणागतरक्षक,दयालूता,परोपकार॥

क्षत्रीयोँ के लिये अब जरुरी तीन:-
एकता ,सँस्कार ,क्षत्रीय धर्म पालन॥

क्षत्रीयो के लिये छोङने वाली तीन:-
दारु ,कुप्रथायेँ ,आपसी मनमुटाव॥

क्षत्रीयोँ को जोङने वाली तीन:-
गोरवशाली ईतिहास,परम्पराएँ हमारे आदर्श॥

जय क्षत्रीय एकता॥
जय क्षत्रीय॥
हरीनारायण सिँह राठौङ

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