आज कुछ एसी बाते है जो हमे पीछे धकेल रही है " की तुम राजपूत हो के ये करते हो,तुम्हे तो ये करना चाहिये।राजपूत हो के पीते और खाते नहीँ हो केसे राजपुत हो। और अरे भाई आप तो राजपूत हो आपका क्या कहना आप तो राजा है,आप की तो क्या बात है आप तो भाभा है "
और कर देते है हमारा बँटाधार।
साथियो अब हमे इन बातो से आगे बढना है और नये युग का निर्माण करना है क्योकी साथियो देवता भी नियत समय के बाद अपनी जगह बदलते है नाम बदल के अवतार लेते है।हमे भी क्षत्रियो के प्रती दुनिया की एक नई सोच का निर्माण करना है। जिसमे हमारा गौरव ओर शान झलकती हो।
नया युग बनायेँ।
साथीयो कदम बढायेँ॥
जय क्षत्र धर्म।
जय क्षत्रिय।
हरिनारायण सिँह राठौङ
और कर देते है हमारा बँटाधार।
साथियो अब हमे इन बातो से आगे बढना है और नये युग का निर्माण करना है क्योकी साथियो देवता भी नियत समय के बाद अपनी जगह बदलते है नाम बदल के अवतार लेते है।हमे भी क्षत्रियो के प्रती दुनिया की एक नई सोच का निर्माण करना है। जिसमे हमारा गौरव ओर शान झलकती हो।
नया युग बनायेँ।
साथीयो कदम बढायेँ॥
जय क्षत्र धर्म।
जय क्षत्रिय।
हरिनारायण सिँह राठौङ
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